मुबारकपुर / आजमगढ़: यशपाल सिंह
जनपद के विकास खंड सठियांव अंतर्गत ग्राम पंचायत आदमपुर वर्तमान में लोहिया ग्राम पंचायत पिछले 10 वर्षों से समस्याओं का दंश झेलने को मजबूर है लगभग 3000 आबादी वाले इस गांव में 1250 के आस-पास मतदाता है लोहिया ग्राम आदमपुर में वर्ष 2010 में जंग बहादुर चौहान ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए थे जिन्होंने गांव के विकास के नाम पर कुछ नहीं किया जिसका ज्वलंत उदाहरण यह है कि उनके कार्यकाल में शौचालय हेतु आया 18 लाख रुपया का उपयोग वर्तमान ग्राम प्रधान उन्हीं की पत्नी रीता चौहान कर रही है इस 18 लाख रुपये से कागज पर बनाने वाले शौचालय अधिक एवं वास्तविकता के बनने वाले कम है शौचालय में भी अधिकांश अपात्र एवं कुछ ही लोग पात्र हैं ।
इस संबंध में नाम न छापे जाने की शर्त पर लोहिया आवास पात्र ने बताया कि प्रधानपति द्वारा एक शौचालय पांच बोरी सीमेंट में तैयार करना है और शौचालय बनाने हेतु 12 हज़ार रुपये पैसा निकाल लिया गया है मानक में इसी क्रम में लोहिया आवास के अंतर्गत इस गांव में 40 आवास स्वीकृत है जिसकी जानकारी लेने पर गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 40 स्वीकृत आवास में से 33 का निर्माण कार्य हो चुका है आवास से सात का छत लगना बाकी है क्योंकि वहां सामान पहुंचने में कठिनाई है श्री श्रीवास्तव ने बताया एक मकान पर शासन द्वारा 275000 रूपया स्वीकृत है वही ग्रामीणों का कहना है कि जो मकान बनाए गए हैं वह वर्तमान प्रधान के चहिते लोग हैं और प्रधान का चहेता होने के बावजूद भी मकान मानक के अनुसार नहीं बनाए जा रहे हैं क्योंकि मकान के दीवारें 5 इंच की जोड़ी जा रही है और लगभग और 5 टाली ईंटा और किसी को तीन ट्राली दिया जारहा है वहीं गांव के पत्रों द्वारा यह भी बताया गया कि हम लोगों का एटीम कार्ड ग्राम प्रधानपति बहादुर चौहान एटीएम से संचालन करते हैं और पैसे का लेखा जोखा तक नहीं बताते हैं और 4 कमरों का मकान बनकर तैयार हो जा रहा है जब उनसे पूछा गया कि जिन लोगों का आवास आवंटित है तो इसकी वह शिकायत क्यों नहीं कर रहे हैं तो ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें तो मुफ्त का आवास मिल रहा है तो शिकायत करने वह क्यों जाये क्यों की ग्राम प्रधान के काफी करीब है वही ग्रामीणों ने बताया कि गांव में और मनसेधु चौहान औऱ छठू चौहान वर्तमान में छप्पर डाल कर अपना जीवन निर्वाह कर रहे हैं खबर है कि इन लोगों के नाम आवास हेतु पैसा आया था किंतु ग्राम प्रधान रीता चौहान के पति ने इस धन राशी को इसलिए वापस करा दिया क्योंकि इन्होंने मत नहीं दिया था ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा बताए गए इंडिया हैंड पंप की संख्या 18 है किंतु मौके पर अधिकांश ख़राब बताई जाती हैं ग्राम प्रधान का चुनाव 1 वर्ष से अधिक समय का बीत चुका है और इस समय में मात्र दो तीन कामों को देखने से ही ज्ञात हो जाता है ग्राम प्रधान गांव के विकास में अपना कितना योगदान दे रही है ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जांच करा कर की जा रही धांधली के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किया है।
इस संबंध में बीडीओ जेतेंद्र कुमार ने बताया कि इस जी जांच कराने के बाद विभागीय कार्यवाही की जायेगी । जो कि मुझ से अधिक क्षेत्र अधिकारी सीडीओ साहब का है वह इस गांव को पहले चेक कर चुके हैं