आदिल अहमद
डेस्क: छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ताओं सहित आठ पदाधिकारियों को सोशल मीडिया पर कथित रूप से नफरत फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करने के लिए नोटिस दिया गया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि भाजपा के आठ पदाधिकारियों को पुलिस के सामने पेश होने और ऐसी पोस्ट से संबंधित तथ्यात्मक बयान प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
नोटिस के चार दिन पहले कांग्रेस पार्टी ने रायपुर पुलिस से शिकायत की थी और भाजपा सदस्यों पर पार्टी के आधिकारिक हैंडल सहित सोशल मीडिया के माध्यम से नफरत फैलाने का आरोप लगाया था। पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस में से एक बेमेतरा जिले के बीरनपुर गांव में हुई सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित है, जहां एक 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। उसके तीन दिन बाद मुस्लिम समुदाय के पिता-पुत्र के शव गांव के बाहरी इलाके में पाए गए थे।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि भाजपा पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। द हिंदू के मुताबिक, सत्तारूढ़ कांग्रेस की एक शिकायत में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और उसके शासन का हवाला देते हुए ‘भूपेश का जिहादगढ़’ और ‘तालिबानी हुकूमत’ जैसे शब्दों पर आपत्ति जताई गई थी। रायपुर पुलिस ने भाजपा पदाधिकारियों को अपने नजदीकी पुलिस स्टेशनों में पेश होने और अपनी ऑनलाइन टिप्पणियों को साबित करने के लिए तथ्य प्रदान करने के लिए कहा है। नोटिस में कहा गया है, ‘आपकी पोस्ट का सार्वजनिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने वाला है, आम लोगों के मन में वैमनस्य और आक्रोश पैदा हो रहा है और सांप्रदायिक सद्भाव खराब हो रहा है।’
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