शम्भू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानो का जारी रहेगा प्रदर्शन, दिल्ली चलो मार्च हुआ वापस
मो0 कुमेल
डेस्क: हरियाणा और पंजाब की सीमा पर एमएसपी समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान प्रदर्शनकारियों ने आज के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को वापस ले लिया है। हालांकि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने इसकी जानकारी दी है। सरवन सिंह पंढेर ने कहा, ‘हमने आज का जत्था वापस करने का फ़ैसला किया है। लेकिन आंदोलन चलता रहेगा। एक किसान को पीजीआई भेजा गया है।
आठ-नौ किसान ज़ख़्मी हुए हैं। मौसम भी ख़राब है। मीटिंग करने के बाद आगे की रणनीति बताएंगे। पुलिस ने आंसू गैस छोड़े और रबर की गोली भी चलाई है।’ किसान एमएसपी की क़ानूनी गारंटी की मांग पर यह मार्च कर रहे थे। किसान आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की वजह से घायल हुए हैं। रविवार को पुलिस ने किसानों को हरियाणा की सीमा पर ही रोक दिया। किसानों के 101 जत्थे ने रविवार को दिल्ली मार्च का ऐलान किया था। रविवार की दोपहर करीब 12 बजे पंजाब के किसान हरियाणा सीमा पर पहुंचे। जहां हरियाणा पुलिस ने उनको रोक दिया।
इसके बाद किसानों को पीछे हटाने के लिए हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने किसानों से क़ानून हाथ में ना लेने की अपील भी की। इसके अलावा पुलिस ने किसानों पर फूल भी फेंके। हालांकि जब किसान इसके बाद भी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने दोबारा से उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े। इस कार्रवाई में अभी तक चार किसान घायल हुए हैं। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं लेकिन हरियाणा पुलिस उनको रोक रही है और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़ रहे हैं।
शनिवार को ही किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने दोबारा से दिल्ली मार्च का एलान किया था। इससे पहले शुक्रवार को भी किसानों ने दिल्ली में प्रवेश के लिए मार्च निकाला था। हालांकि किसानों के घायल होने और सरकार से बातचीत की कोशिश के तहत शनिवार का मार्च स्थगित करने का फ़ैसला किया गया था। शनिवार को सरवन सिंह पंढेर ने कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ़ से किसानों के मुद्दों पर बातचीत के लिए कोई भी संदेश नहीं मिला है।